जानने को कुछ नहीं रह गया है
गिरने दो विश्वास के वृक्ष का
आखिरी तना
चिड़ियाएं सारी उड़ कर
खो गयी हैं आकाश के एकांत में...
एक पत्ता टूट कर गिरता हुआ
तैरता है हवा में बेमतलब, बेचैन!
जड़ों के पास थोड़ी उखड़ी हुई
भुरभुरी मिट्टी है
और समाप्त हो गई
एक संभावनापूर्ण कथा!
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