Sunday, 27 November 2016

आप निराश कदापि न हों

आप निराश कदापि न हों 🌸🌸🌸🌸🌸


आपके जीवन में ऐसे-ऐसे संकट आयेंगे कि ऐसा प्रतीत होगा मानो अन्त निकट आ गया है, बचने का कोई मार्ग नही हैं। चारों ओर अन्धकार-ही-अन्धकार दिखायी देगा। प्रकाश की एक क्षीण रेखा तक नजर न आयेगी।
फिर भी आप निराश न हों। हिम्मत न हारे। समय बीतने दें। बस कुछ दिन ठहर जाए। विस्मरण वह मृदु मरहम है, जो आपके जख्मों पर दवा का काम करेगा।
समय सर्वोपरि है। वह हमें वे शक्तियाँ देता हैं, जिनसे हमारे मनका भार हलका हो जाता हैं। अंदर के दुर्भाव खुद दूर हो जाते हैं।
फारस के एक राजा ने अपनी अँगूठी पर ये शब्द खुदवाये थे
यह स्थिती भी नहीं रहेगी।
अर्थात अच्छी स्थिती आयेगी। समय सदा एक-सा नहीं रहता। गति ही जीवन का लक्षण है। अच्छी या बुरी जैसी स्थिती हो, हम धैर्य से समय को बीतने दें।

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