Monday, 21 November 2016

*सोच का परिणाम*

                                             🎗🌷 *सोच का परिणाम*🌷🎗


एक वे लोग होते हैं, जो *कीचड़* में खिले हुए *कमल* की सुंदरता देखते हैं.!
दूसरे ऐसे लोग भी होते हैं, जो *सुंदर शीतल चाँद* में भी *दाग* देखते हैं.!
 *जीवन* में हमेशा *प्रशंसक* बनने का प्रयत्न करें, *निंदक* नहीं.।
क्योंकि *प्रशंसा* हमेशा *सकारात्मक ऊर्जा* को जन्म देती है, और *निन्दा* हमे *नकारात्मक* सोच की ओर ले जाती है.!!

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